Tuesday, 26 November 2013

vashikaran mantra

"ॐ ह्रीम् नमो मोहिन्यो (अमुकं ) में वश्यं कुरु -कुरु  हुं फट् स्वाहा" । इस मन्त्र से जल को 21  बार जाप करे फ़िर वश्यंकर के सामने उस जल से मुँह धोकर जाए अथवा उससे बात करे । इस मन्त्र जाप 21 दिन तक करे उस का वशीकरण हो जाए गा 

Friday, 22 November 2013

कर्म ही पूजा है

               
             कर्म ही  पूजा  है 
  लहरों से  डर कर नौका  पार  नहीं  होती, कोशिश  करने  वालों  की हार  नहीं होती ,   नन्हीं  चींटी  जब  दाना  लेकर  चलती  है,
 चढ़ती  दीवारों  पर  सौ  बार फिसलती      मन  का  विश्वास  रगों  में  साहस  भरता  है,                                            चढ़ कर गिरना, गिरकर  चढ़ना, न  अखरता है ।                                                                           
आखिर  उसकी  मेहनत बेकार  नहीं  होती,
  कोशिश  करने  वालो  की  हार  नहीं होती 
                   
           

Wednesday, 6 November 2013

जीवन का सत्य

जब जीव संसार में आता है । सब बहुत खुश होते है कि हमारे आँगन
कोई आया या आई है । उस आने वाले कोई ज्ञान नही होता कि माँ कौन होती है । सब प्यार करते है कि हमारा बच्चा है । उसके बाद बच्चा संसार के मोह में फंस जाता है और संसार की दल -दल में फसता चला जाता है । जब वह बड़ा होता है संसार के मोह फस जाता है उसके बाद रिश्ते बनने शुरू हो जाते है जैसे कि माँ -पिता,दादा -दादी,चाचा -चाची,ताया -ताई ,बुआ -फुफा और नाना -नानी ,मामी -मामा आदि । स्कूल की शुरू हो जाता है उसमें मित्र मेला जुड़ जाता है    नोकरी या कारोबार शुरू , उसके बाद शादी हो जाती है उसके बच्चे हो जाते हैजीव अपना घर बन जाता है । माया मोह इतना बढ़ जाता है कि वह संसार को अपना घर समझने लग जाता है धीरे-धीरे वह मोह के तार झुटने लग जाता है जिनको अपना समझता वह उसको



सच से बड़ा कोई धन नही है| आत्मा से बड़ा कॊई सच नही, जीवन से बड़ा कोई सत्य नही| मृत्यु ही जीवन का अटल सत्य है| 

जब हम जिन्दा तो कभी मेरा ख्याल नही आया ।  अब यहाँ बैठे है आँसू बाह रहे ।। 
  जब हम जिन्दा थे कभी  पास बैठे नही    दुनियाँ को दिख-दिख कर  आसूँ   बहा रहे हो ।।       
 जब जिंदा थे कभी खाने को पूछा नही     अब अनाज को दान देकर लोगो को दिखा रहे हो । 

जब जिन्दा थे कभी पहने को पूछा नही  अब मरने के बाद क़फन उढ़ा रहे हो ।।   
  जब जिन्दा थे कभी साथ चले नही ।     मरने के बाद क्यों साथ जा रहे हो ।। 
   
                                                                                    यदि मदरडे इतना ही प्यारा है,उन माताओ का क्या जिनका घर अन्दर सम्मान नही होता । वो भी माँ जो अनाथ-आलय व वृद्धआश्रम में जीवन बिता देती है अपनी अन्तर आत्मा की आवाज सुनकर इसे लाइक करे ।