Saturday, 24 May 2014

karam phal

जैसे पृथ्वी शीध्र फल नहीं देती वैसे ही संसार में किया हुआ अधर्म तत्काल फल नहीं देता है,किन्तु किया हुआ अधर्म करने वाले को धीरे -धीरे जल भूल से नष्ट कर देता है । जो अधर्म अपने पर फलीभूत नहीं होता तो वह पुत्रो पर पड़ता है नहीं तो पोत्रो पर पड़ता है । बात यह मनुष्य किया गया अधर्म उसको फल दिये बिना नहीं छोड़ता है ।

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